जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) पर जन सुरक्षा कानून (PSA) लगाने से पहले राज्य की पुलिस ने एक डोजियर जारी किया है. इसमें पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती को 'डैडीज़ गर्ल' और 'कोटा रानी' बताया गया है. इसके बाद ही ये चर्चा गरम हो गई है कि आखिर ये कश्मीर की ये कोटा रानी है कौन. कश्मीर के मुस्लिम राज्य बनने से पहले वो यहां की आखिरी हिंदू रानी थीं. इतिहास में जिनके बारे में लिखा है कि उन्होंने अपने राज्य की सत्ता में बने रहने के लिए उन्होंने अपने पिता के हत्यारे से ही शादी रचा ली थी.
कोटा रानी की कहानी खासी रोमांचक है. वह बहादुर थीं तो साहसी भी लेकिन सत्ता में बने रहने के लिए उसने बहुत कुछ किया. सत्ता में बने रहने के लिए उसने पहले अगर पिता के हत्यारे रिंचिन से शादी रचाई तो उसके बाद फिर सत्ता पर काबिज होने वाले देवर को खुद को समर्पित कर दिया. कहा जाता है कि वह अपने दुश्मनों को जहर देकर मरवा देती थीं. हालांकि बाद में रानी ने आत्महत्या कर ली.
कोटा रानी के बारे में कहा जाता है कि उसने साम दाम दंड भेद, हर तरह की नीति का पालन किया. रानी कोटा को लेकर बॉलीवुड एक बॉयोपिक भी बना रहा है.
कश्मीर 12वीं शताब्दी तक हिंदू राष्ट्र था. मगर हालात बदलने लगे थे. 1301 में कश्मीर में सहदेव नामक शासक गद्दी पर बैठा. उसके दो खास सहयोगी थे, रिंचिन और दूसरा स्वात घाटी से आया शाहमीर. रिंचिन लद्दाख का विद्रोही राजकुमार था. सहदेव का सेनापति था राम चंद्र. कोटा रानी इसी रामचंद्र की बेटी थीं.
1319 में राजा सहदेव पर तातार ने बड़ा हमला किया. इस आक्रमण के दौरान राजा सहदेव अपने भाई उदयन देव के साथ भाग गया. हालांकि तातार सेना जब जीत हासिल करके लौट रही थे बर्फ के तूफान में फंसी और सभी की मौत हो गई. तब रामचंद्र ने खुद को कश्मीर का राजा घोषित किया. कुछ समय बाद ही रिंचिन ने विद्रोह किया और रामचंद्र का धोखे से कत्ल कर दिया.